क्रिकेट का जन्मदाता पहली बार चैम्पियन बना - इंग्लैंड क्रिकेट वल्र्ड कप 2019 की वल्र्ड चैम्पियन बन गई -44 साल का इंतजार खत्म

क्रिकेट का जन्मदाता पहली बार चैम्पियन बना  - इंग्लैंड क्रिकेट वल्र्ड कप 2019 की वल्र्ड चैम्पियन बन गई -44 साल का इंतजार खत्म
इंडिया बेस्ट न्यूज़ | Purushottam Dubey
इयोन मॉर्गन की कप्तानी वाली इंग्लैंड क्रिकेट टीम इतिहास रचते हुए पहली बार वर्ल्ड चैम्पियन बन गई है. इंग्लैंड ने फाइनल में न्यूजीलैंड की चुनौती को ध्वस्त करते हुए आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है.
पहली बार चैम्पियन बना क्रिकेट का जन्मदाता
क्रिकेट विश्व कप के 44 वर्षों के इतिहास में पहली बार क्रिकेट के जन्मदाता इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप जीता है. इससे पहले इंग्लैंड कभी इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाया था.
वर्ल्ड कप शुरू होने के पहले से ही यह कहा जा रहा था कि मेजबान इंग्लैंड खिताब की दावेदार है. सही मायने में इंग्लैंड ने अपने घर पर वर्ल्ड कप जीतने का सुनहरा मौका भुना लिया.
 
इन तीन मौकों पर वर्ल्ड कप से चूका था इंग्लैंड
इससे पहले भी इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जीतने के मौके मिले थे. 1979, 1987 और 1992 के वर्ल्ड कप फाइनल में क्रिकेट के जन्मदाता इंग्लैंड की किस्मत खराब रही. इंग्लैंड को 1979 वर्ल्ड कप के फाइनल में वेस्टइंडीज, 1987 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और 1992 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान ने मात दी थी. इंग्लैंड को 1979, 1987 और 1992 के वर्ल्ड कप में उप-विजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा.
1992 वर्ल्ड कप के बाद तो इंग्लैंड की गाड़ी पटरी से उतर गई. इंग्लैंड को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी जगह बनाने के लिए 27 साल का इंतजार करना पड़ा. 2019 के वर्ल्ड कप में 27 साल के इंतजार के बाद इंग्लैंड ने न सिर्फ पहली बार सेमीफाइनल और फाइनल में जगह बनाई बल्कि वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास भी रच दिया.
क्रिकेट की दुनिया को मिला छठा नया चैम्पियन
क्रिकेट की दुनिया में इंग्लैंड छठा नया वर्ल्ड चैम्पियन है. इससे पहले सिर्फ पांच ही टीमों ने वर्ल्ड कप जीता था. क्रिकेट वर्ल्ड कप की शुरुआत 1975 में हुई. इससे पहले सिर्फ वेस्टइंडीज, भारत, ऑस्ट्रे लिया, पाकिस्तापन और श्रीलंका की टीम ही वर्ल्ड चैम्पियन बनने का गौरव हासिल कर पाई थी.
इससे पहले 11 संस्करणों में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने सर्वाधिक 5 बार विश्व कप जीता था. इसके अलावा भारत और वेस्टइंडीज ने 2-2 बार और श्रीलंका और पाकिस्तान ने एक-एक बार खिताब अपने नाम किया था.