प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट की विशेषताएँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट की विशेषताएँ
News Delhi | इंडिया बेस्ट न्यूज़ | Purushottam Dubey
मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट आज पेश किया गया. सरकार ने बजट को विकास का रोडमैप करार दिया है. वहीं विपक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे हवाई बजट बता दिया

 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश किया. जिसके बाद जहां एक ओर बीजेपी नेताओं ने 'वाह मोदी जी' के नारे लगाए तो दूसरी ओर विपक्ष ने कड़ी आलोचना करते हुए बजट को पुराने वादों का दोहराव और 'नई बोतल में पुरानी शराब' करार दिया है.

 

छोटे उद्योगों को बड़ी मदद देंगी वित्त मंत्री

उनकी अपनी आर्थिक समीक्षा कहती है कि मैन्युफैक्चेरिंग में आधे से अधिक कंपनियां 100 से कर्मचारियों वाली हैं लेकिन रोजगारों में उनका हिस्सा केवल 14 फीसदी है

एक देश एक (न्यूनतम) मजदूरी

यह हो सकता है इस बार के बजट का सबसे दूरगामी सुधार. देश में न्‍यूनतम वेतन तय करने एक समान पैमाना नहीं है. अलग अलग राज्यों में न्यूनतम मजदूरी की दर 135 रुपये से 1192 रुपये तक है.  

 

पेट्रोल डीजल पर एक रुपये सेस बढ़ाया गया
पेट्रोल डीजल पर एक्‍साइज ड्यूटी बढ़ी. रोड सेस भी बढ़ा. कीमतें बढ़ने के आसार लेकिन कच्‍चे तेल की घटती कीमतों से मिलेगी मदद. गोल्‍ड पर सीमा शुल्‍क बढ़ाने. पेट्रोल डीजल पर टैक्‍स से अच्‍छे राजस्‍व की उम्‍मीद

 

ऑटो पार्ट और सिंथेटिक रबर पर इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोत्‍तरी
यानी इलेक्ट्र‍िक वाहनों पर कर रियायत इधर से बराबर

 

छोटे उद्योगों को 2 फीसदी छूट पर 35000 करोड़ का कर्ज
कोई बड़ा नीतिगत बदलाव नहीं....कर्ज के सहारे ही बढ़ेंगे छोटे उद्योग लेकिन छोटी इकाइयों, बैंकों का कर्ज लगातार घट रहा है.
 
नेशनल हाईवे प्रोग्राम का पुनर्गठन करने का एलान
कई सड़क परियोजनाएं फंसी हैं. कुछ प्रोजेक्‍ट् के पुनर्मूल्‍यांकन की जरुरत है. फिलहाल वित्‍त मंत्री ने अंतरिम बजट के एजेंडे और पिछली सरकार की स्‍कीमों में किसे बड़े बदलाव संकेत नहीं दिये. भारत माला, उड़ान, सागर माला का जिक्र, आवंटन में किसी बढ़ोत्तरी का जिक्र नहीं.
 
सरकारी विभागों की जमीन का इस्‍तेमाल सस्‍ते मकानों के लिए होगा
नई नीति की तैयारी, कामगारों के लिए पेंशन स्‍कीम लेकिन आवंटन नहीं बताया
 
2 से 5 करोड़ और 5 करोड़ से ज्यादा आय पर सरचार्ज में 3% बढ़ोत्‍तरी
 
इससे हो जाएगी छोटी मोटी रियायतों की भरपाई जो अलग अलग मदों में दी गई हैं
बैंकों से एक करोड़ से ऊपर की नकद निकासी पर दो फीसदी का टैक्‍स
आमतौर पर बैंकों से इतने बड़े नकद ट्रांजेक्‍शन अब कम ही हैं.

 

45 लाख रुपये तक के मकान खरीदने पर आयकर में रियायत
हाउसिंग लोन के ब्याज पर छूट की सीमा 2 से बढ़ाकर 3.5 लाख की गई. सस्‍ते घरों को बढ़ावा देने की कोशिश.

 

इलैक्ट्रिक वाहन खरीदने पर इनकम टैक्स में राहत
स्टार्ट अप को इनकम टैक्‍स के इंस्‍पेक्‍टर राज से राहत मिलेगी
400 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनियों पर केवल 25 फीसदी कारपोरेट टैक्‍स
पहले की सीमा 250 करोड़ टर्न ओवर थी.. ऐसे में बहुत फर्क नहीं ... ज्‍यादातर टैक्‍स बड़ी कंपनियों से आता है

 

सरकारी कंपनियों का विनिवेश जारी रहेगा
विनिवेश का लक्ष्‍य बढ़ाया गया. यानी सरकारी कंपनियों में विदेशी निवेशकों की हिस्‍सेदारी बढ़ेगी. सरकारी कंपनियों में सरकारी निवेशकों यानी बैंकों, बीमा कंपनियों और सरकार की सीधी हिस्सेदारी तक 51 फीसदी पर सीमित करने पर विचार.

 

हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का विनिमयन रिजर्व बैंक को सौंपा जाएगा
बड़ा फैसला. नेशनल हाउसिंग बैंक में अनियमितताओं के बाद सरकार ने बदली व्‍यवस्‍था

 

एक लाख करोड़ रुपये तक एक मुश्‍त छह माह की क्रेडिट गारंटी देगी सरकार
फायदा केवल कुछ बड़ी एनबीएफसी को खराब रेटिंग वाली छोटी कंपनियों का भविष्‍य खतरे में

 

बैंक एनपीए एक लाख करोड़ कम हुए
लेकिन इसमें बड़े मामले ऐसे हैं जिनमें बैंकों ब्‍याज व मूलधन गंवाना पड़ा

 

मुद्रा स्कीम में महिला को एक लाख तक का लोन
महिला उद्यमियों को प्रोत्‍साहन, सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप को ओवर ड्राफ्ट लेकिन मुद्रा स्‍कीम में एनपीए बढ़ रहे हैं. 

 

रेल ढांचे के लिए 50 हजार करोड़ की जरूरत
रेलवे को उपनगरीय रेलवे प्रोजेक्‍ट में निवेश करना होगा. संसाधनों की दिक्‍कत आड़े आएगी. रेलवे के अपने प्रोजेक्‍ट संसाधनों की कमी का शिकार हैं. मेट्रो और लोकल ट्रेन प्रोजेक्‍ट लंबे समय तक घाटे में रहते हैं.

 

कृषि अवसंरचना में अब निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा
कृषि में निजी निवेश का रास्‍ता खुलेगा. 10000 फार्मर प्रोड्यूज फर्म बनाने का लक्ष्‍य. कंपनियां और किसान मिलकर बनाएंगे कंपनियां.

 

2022 तक सबको घर मुहैया कराने की योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना पर फोकस लेकिन नए आवंटन का जिक्र नहीं. अंतरिम बजट में किये एक आवंटन में बढ़ोत्‍तरी की उम्‍मीद 

 

नए सुधारों का ऐलान
सामाजिक सेवाओं के लिए काम करने वाले संगठन बाजार से पूंजी जुटा सकेंगे. नया लिस्टिंग प्‍लेटफॉर्म आएगा. बीमा, एविऐशन, मीडिया में विदेशी निवेश सीमा बढ़ाने का विचार. सिंगल ब्रांड रिटेल में विदेशी निवेश उदार होगा.

 

कामगारों के लिए पेंशन स्‍कीम
लेकिन आवंटन नहीं बताया. अब तक इस बजट भाषण की सबसे बड़ी खासियत. ज्‍यादातर स्‍कीमों के लिए आवंटन का जिक्र नहीं. बजट दस्‍तावेज ही बतायेगा कि वास्‍तविकता क्‍या है. खर्च सीमित रखने की कोशिश दिखती है.

 

ट्रांस्पोर्ट के लिए नई रूपे कार्ड स्कीम
बजट से कोई खर्च नहीं, बड़े बिजली सुधारों की आहट.क्रॉस सब्सिडी खत्‍म होगी. बिजली बोर्डों का ढांचा ठीक होगा, कैप्टिव पॉवर नीति बदलेगी

 

भारत की अर्थव्‍यवस्‍था 2.7 खरब डॉलर की है
वित्त मंत्री का आकलन शायद नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ (जीडीपी + महंगाई) पर आधारित है. लेकिन आय, खपत और बचत में रिकार्ड इस ग्रोथ के बिल्‍कुल विपरीत हैं. वित्त मंत्री ने फिलहल आर्थिक सर्वेक्षण की चिंताओं को खारिज किया. मंदी और खपत में गिरावट का जिक्र नहीं.

 

वित्त मंत्री ने नीति आयोग की सफलता का जिक्र किया
नीति आयोग देश के लिए लंबी अवधि की योजना नहीं बना पाया है. कई महत्‍वपूर्ण बदलाव लंबित हैं जैसे कि गरीबी और बेरोजगारी नापने का नया फार्मूला.

 

कैसे चलेगा सरकार का काम?
खर्च को सिकोड़े बिना या घाटा बढ़ाये बिना काम नहीं चलने वाला सरकार का. अंतरिम बजट राजस्‍व अनुमान औंधे मुंह गिरे हैं. वित्‍त वर्ष 2019 में कुल संग्रह बमुश्किल 8 फीसदी की दर से बढ़ा. लक्ष्‍य 17 फीसदी का था.