भारत मूवी रिव्यू : सलमान खान की भारत है इमोशन से भरपूर

भारत मूवी रिव्यू : सलमान खान की भारत है इमोशन से भरपूर

INDIA BEST NEWS  : हमारी रेटिंग 3 / 5

निर्देशक अली अब्बास जफ़र और सलमान खान की जुगलबंदी अब तक बॉक्स ऑफिस पर सफलता की गारंटी साबित हुई है और यही वजह है कि 'सुल्तान' और 'टाइगर जिन्दा है' जैसी ब्लॉक बस्टर फिल्में देने के बाद इस बार इस जोड़ी ईद जैसे फेस्टिवल पर सलमान के फैन्स का दिल जीतने के लिए इमोशंस और पारिवारिक मूल्यों से सजी 'भारत' लाए हैं। फिल्म बेशक थोड़ी लंबी और 80 के दशक के नुस्खों से बुनी हुई महसूस होती है, मगर भाई के चाहनेवाले नौजवान से लेकर 70 साल के बूढ़े के रूप में उनकी हर अदा पर फिदा होंगे। 


कहानी का प्रिमाइसेज बहुत ही विस्तृत है। फिल्म फ्लैशबैक से शुरू होती है, जहां 70 साल का भारत (सलमान खान) अपने खुशनुमा परिवार के साथ अपना अटूट बंधन बांधे हुए है। परिवार के साथ अपने जन्मदिन को मनाने के दौरान कहानी फ्लैशबैक में जाती है। यह 1947 के विभाजन की त्रासदी का दौर है और उस आग में भारत अपने स्टेशन मास्टर पिता (जैकी श्रॉफ) और बहन से बिछड़ चुका है, मगर बिछड़ने से पहले भारत ने अपने पिता को वचन दिया था कि जब तक उसके पिता वापस नहीं लौटते वह अपनी मां (सोनाली कुलकर्णी) , अपनी छोटी बहन और छोटे भाई का खयाल रखेगा। उसके बाद 1947 से लेकर 2010 तक अपने परिवार की जरूरतों के लिए वह चोरी, मौत का कुंआ में मोटरसाइकिल चलाना, किराने की दुकान चलाना, अरब जाकर तेल निकालने का काम और समंदर में जाकर जान जोखिम में डालने जैसे हर तरह के काम करता है। 

 फिल्म का नाम भले ही 'भारत' (Bharat) हो मगर मैं आपको बता दूं कि यह एक पैट्रियोटिक फिल्म नहीं है. इस फिल्म की कहानी है भारत (Bharat) नाम के एक किरदार के 8 साल से लेकर 70 साल की उम्र तक के सफ़र की. इस किरदार की कहानी को फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच हुए बंटवारे के समय 8 साल का बच्चा भारत(Bharat) अपनी मां, एक बहन और एक भाई को लेकर हिंदुस्तान आता है और उससे पहले पाकिस्तान में ही उसके पिता और उसकी बहन गुड़िया बिछड़ जाती है. भारत आने के बाद वह अपने पिता को किए वादे को पूरा करने की जद्दोजहद में लग जाता है. उसके पिता ने वादा लिया था कि वह अपने परिवार का पूरा ख्याल रखेगा. भारत (Bharat) बचपन से ही सर्कस से जुड़ता है और फिर परिवार को चलाने के लिए गल्फ कंट्रीज में तेल के कुओं में काम करता है. फिल्म के अंत में यह भी दिखाया गया है कि टीवी के कार्यक्रम के माध्यम से बिछड़ी हुई बहन मिल जाती है.

फिल्म (Bharat) की कमियों की अगर बात करें तो मुझे लगता है इस फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी है इसकी लंबाई. फिल्म की लंबाई करीब 2 घंटे 35 मिनट है जो जरूरत से ज्यादा लगती है और ज्यादा लंबाई होने की वजह से मुझे लगता है कि फ़िल्म (Bharat) की गति भी कहीं कहीं धीमी पड़ी है. फिल्म के कई सीन भी रिपिटेटिव लगते हैं. अगर फिल्म की लंबाई कम होती तो शायद फिल्म में कसाव भी होता और रफ्तार भी अच्छी होती. 

कलाकारसलमान खान,कटरीना कैफ,सुनील ग्रोवर,दिशा पाटनी,तब्बू,जैकी श्रॉफ

निर्देशकअली अब्बास जफर

मूवी टाइपऐक्शन,ड्रामा