मोदी सरकार का नया प्लान, 40 प्राइवेट एक्सपर्ट्स को देंगे अफसर बनने का मौका

मोदी सरकार का नया प्लान, 40 प्राइवेट एक्सपर्ट्स को देंगे अफसर बनने का मौका
मोदी सरकार 2019 की जीत के बाद अपनी नई सत्ता को मजबूत करने के लिए कई बड़े फेरबदल कर रही है. केंद्र सरकार ने एक नया प्लान बनाया है, जिसके तहत निजी क्षेत्र के 40 विशेषज्ञों को ब्यूरोक्रेसी में शामिल किया जाएगा. नए प्लान के तहत अब आईएएस लॉबी में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ भी एंट्री कर सकेंगे. इन  विशेषज्ञों को भी वहीं पद, वेतन, सुविधाएं और अधिकार रहेंगे, जो अफसरों के होते हैं. अंतर इस बात का है कि निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर तीन साल के लिए होगी. और अगर इनका  प्रदर्शन अचछा रहता है तो इस कॉन्ट्रैक्ट को  पांच साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. इनकी नियुक्ति सलाहकार के रूप में होगी. फिलहाल कार्मिक मंत्रालय इस पर एक मसौदा तैयार कर रहा है.

जल्द जारी किया जाएगा विज्ञापन

फिलहाल ऐसे 40 विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी. इनको फिक्सड टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा. नीति आयोग भी ऐसे विशेषज्ञों को उप सचिव से लेकर के संयुक्त सचिव के पद पर रखेगी. फिलहाल सरकार ऐसे लोगों को सलाहकार के पद पर नियुक्त कर रही है. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) इस बारे में जल्द ही एक विज्ञापन को जारी करेगा. इससे पहले अप्रैल में नौ व्यक्तियों को संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया था. संयुक्त सचिव पर ज्यादातर आईएएस, आईपीएस या फिर अन्य प्रमुख सेवाओं के लोगों को नियुक्त किया जाता है.

तीन साल के लिए होगी नियुक्ति

इनकी नियुक्ति तीन साल के लिए होगी और अगर अच्छा प्रदर्शन हुआ तो पांच साल तक के लिए इनकी नियुक्ति की जा सकती है. इनका वेतन केंद्र सरकार के अंतर्गत ज्वाइंट या फिर डिप्टी सचिव वाला होगा. सारी सुविधा उसी अनुरूप ही मिलेगी. इन्हें सर्विस रूल की तरह काम करना होगा और दूसरी सुविधाएं भी उसी अनुरूप मिलेंगी. मालूम हो कि किसी मंत्रालय या विभाग में संयुक्त सचिव का पद काफी अहम होता है और तमाम बड़े नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम योगदान होता है.

इससे पहले अप्रैल में नौ व्यक्तियों को संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया था. संयुक्त सचिव पर ज्यादातर आईएएस, आईपीएस या फिर अन्य प्रमुख सेवाओं के लोगों को नियुक्त किया जाता है