भारत देश में फेफड़े के कैंसर के बीमारी में 90%लोगों को कैंसर होने के कारण और लक्षण क्या है-1अगस्त को वर्ल्ड लंग कैंसर डे के रूप में मनाया जाता है

भारत देश में फेफड़े के कैंसर के बीमारी में 90%लोगों को कैंसर होने के कारण और लक्षण क्या है-1अगस्त को वर्ल्ड लंग कैंसर डे के रूप में मनाया जाता है
न्यू दिल्ली | इंडिया बेस्ट न्यूज़ | पुरुषोत्तम दुबे
1 अगस्त को वर्ल्ड लंग कैंसर डे के रूप में मनाया जाता है
आज हमारे भारत देश में फेफड़े के कैंसर के बीमारी में 90% लोगों को कैंसर होने के कारण और लक्षण क्या है?
आज 1 अगस्त वर्ल्ड लंग कैंसर डे पर इंडिया बेस्ट न्यूज़ के दर्शकों को इस बीमारी के प्रति जागरूक बनाने के लिए कोशिश करेंगे, लंग कैंसर हजारों लाखों इंसानों की जिंदगी को समाप्त कर देता है

 

फेफड़ों के कैंसर (लंग कैंसर) की वजह से भारत में हर साल हजारों लोगों की मौत होती है. इंसानों की जिंदगी को निगलने वाले लंग कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 1 अगस्त को 'वर्ल्ड लंग कैंसर डे' सेलिब्रेट किया जाता है. फेफड़ों में होने वाले इस कैंसर के शुरुआती चरणों की पहचान करना मुश्किल है, लेकिन अगर आप इसके लक्षणों को भांप लें तो इस खतरे को टाला जा सकता है

 

किस कारण से हो रहा फेफड़ों का कैंसर?
कैंसर की घटना के संदर्भ में भारत में लगभग 90 फीसदी फेफड़े के कैंसर के मामले सिगरेट, बीड़ी या हुक्का से जुड़े हैं. अन्य 10 फीसदी लोगों में इस रोग का प्रमुख कारण पर्यावरण में कैंसरकारी तत्वों की मौजूदगी है. फेफड़ों के कैंसर के लिए धूम्रपान सबसे बड़ा कारक है. वहीं दूसरी ओर व्यावसायिक कैंसर भी इसका एक कारण है. जब कोई व्यक्ति कार्यस्थल पर कैंसर पैदा करने वाले पदार्थ के संपर्क में आता है तो उसे व्यावसायिक कैंसर कहते हैं.

 

क्या होते हैं लक्षण?
फेफड़ों के कैंसर होने कई लक्षण होते हैं. इसमें लंबे समय तक लगातार खांसी आना. खांसी के साथ खून आना. जल्दी सांस फूलना या घबराहट होना भूख न लगना और जल्दी थकावट हो जाना. हर वक्त कमजोरी महसूस करना. बार-बार संक्रमण का होना. इसके अलावा हड्डियों में दर्द और चेहरे, हाथ या गर्दन में सूजन भी इसके सामान्य लक्षण हैं.
जब आप सांस लेते हैं, तब यदि कोई सीटी जैसी आवाज सुनाई देती है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। यह आवाज कई तरह की सेहत समस्याओं की ओर इशारा करती है साथ ही फेफड़ों से जुड़ी समस्या भी।
  • अगर आप गहरी या लंबी सांस लेने में तकलीफ महसूस करते हैं, तो यह अवरोध सीने में तरल पदार्थ के जमा होने के कारण हो सकता है जो फेफड़ों में कैंसर के कारण पैदा होता है।
  • यदि आप सीने के साथ-साथ पीठ और कंधों में भी दर्द महसूस करते हैं, तो इसे गंभीरता से लें। यह लसिकाओं के स्थानांतरण के कारण हो सकता है। भले ही आप खुद को स्वस्थ महसूस करें, डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
  •  यदि सीने में कफ हो रहा है और यह समस्या 2-3 सप्ताह से भी ज्यादा समय तक बना रहता है तो यह संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा कफ संबंधी अन्य समस्याएं जैसे थूक में कफ या रक्त होना पर गंभीरता से लें और चेकअप कराएं।
  •  फेफड़ों के कैंसर असर बढ़ने पर मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है। ऐसी स्थि‍ति में लगातार सिर में दर्द बना रहता है। कभी-कभी ट्यूमर द्वारा उन शि‍राओं में भर दबाव पड़ता है जो शरीर के ऊपरी हिस्से में रक्त को संचारित करती है।

 

लंग कैंसर की चपेट में भारत
फेफड़ों का कैंसर दुनियाभर में सामने आने वाला सबसे आम कैंसर है. कैंसर अगेंस्ट इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल लंग कैंसर के करीब 67 हजार नए मामले सामने आते हैं, जिनमें 48 हजार से ज्यादा पुरुष और 19 हजार से ज्यादा महिलाएं शामिल होती हैं.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत में हर साल फेफड़ों के कैंसर की वजह से मरने वालों की संख्या 63 हजार से भी ज्यादा है. स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और मौखिक गुहा कैंसर के बाद फेफड़ों का कैंसर चौथे स्थान पर आता है.

 

भारत में प्रमुख कैंसर

 

स्तन कैंसर
मुख का कैंसर
गर्भाशय ग्रीवा
अमाशय का कैंसर
फेफड़ों का कैंसर
कोलोरेक्टल कैंसर
एसोफैगस कैंसर
प्रोस्टेट कैंसर
पित्ताशय का कैंसर

 

सामान्य कैंसर
  • ग्लोबोकेन 2012 के आंकड़ों के अनुसार सन् 2012 में भारत में पुरुष व महिलाओं में कैंसर के 10,14,934 नए मामले, 6,82,830 लोगो की मृत्यु और 17,90,498 कैंसर के साथ रहने वाले लोग दर्ज़ किये गये। (निदान के 5 साल के भीतर)
  • भारतीय आबादी को पाँच प्रमुख कैंसर प्रभावित करते है: स्तन, गर्भाशय ग्रीवा (बच्चेदानी का कैंसर) मौखिक, फेफड़े और कोलोरेक्टल कैंसर हैं।

 

कैंसर के बारे में जाने
कैंसर क्या हैं?
कैंसर शरीर की कोशिका अथवा कोशिकाओं के समूह की असामान्य एवं अव्यवस्थित वृद्धि हैं, जो एक गाँठ अथवा ट्यूमर का रूप ले लेती हैं।
सभी असामान्य वृद्धि कैंसर नहीं होती। कैंसरयुक्त गाँठ को मेलिग्नेंट गाँठ तथा कैंसर रहित गाँठ को विनाइन गाँठ कहते हैं। कैंसर रहित गाँठ विशेष हानिकारक नहीं होती, ये सामान्य गति से बढ़ती हैं। जबकि कैंसरयुक्त गाँठ अत्यंत घातक होती हैं और असाधारण एवं तीव्र गति से आकार में बढ़ती हैं और दूसरे अंग को प्रभावित करती हैं।
 
कैंसर कैसे फैलता हैं?
कैंसर कोशिकायें रक्त नलिकाओं की दीवार से होकर बढ़ती हैं और रक्त प्रवाह द्वारा शरीर के अन्य अंगो तक फैल सकती हैं। यह नोड्स प्रवाह में प्रवेश करती हैं और लसीका ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) तक पहुँच जाती हैं। ये सीधे एक कोशिका से दूसरे कोशिका तक फैलती हैं।